क्या सिर्फ गुनगुनाने से नजर लाजिम हो जाती है

नजर के लाजिम होने के लिए जबान से बोलना जरूरी है जबान की हरकत के बगैर सिर्फ गुनगुनाने से या वहम हो जाने से या सांस के जरिए बोलने से जिसमें शब्द ना हो या सिर्फ दिल में इरादा कर लेने से नजर लाजिम नहीं होती बल्कि नजर के … مکمل پوسٹ پڑھیں

एक मस्जिद में पैसे देने की नजर मानकर दूसरी मस्जिद में देना

यदि किसी व्यक्ति ने यह नजर मानी के यदि मेरा काम हो गया तो मैं फुलां मस्जिद में पैसे दूंगा काम पूरा होने के बाद वह पैसे जिस मस्जिद के लिए कहा था उसमें ना दे करके दूसरी मस्जिद में देता है या किसी गरीब को भी दे देता … مکمل پوسٹ پڑھیں

मन्नत में खैरात की रकम निश्चित नहीं की तो क्या हुकुम है

यदि किसी ने मन्नत मानी कि मेरा काम हो गया तो सबका करूंगा लेकिन सदके में रकम निश्चित नहीं किया तो अगर उसके दिल में कुछ ख्याल था कि मैं इतनी रकम सदका करूंगा या इतना गल्ला सदका करूंगा तो उसी प्रकार से अदा कर दे वरना जितना एक … مکمل پوسٹ پڑھیں

منت کے بکرے کی عمر کیا ہونی چاہیے

اگر کسی شخص نے منت مانی کے میرا کام ہوگیا تو میں جانور ذبح کروں گاتو اب اس بکرے کی عمر بھی قربانی کے بکرے کی طرح ایک سال ہونی چاہیے کیونکہ نذر اور منت کے جانور میں وہی تمام شرطیں ہیں جو قربانی کے جانور میں ہوتی ہیں۔واللہ … مکمل پوسٹ پڑھیں

मन्नत के बकरे की उम्र क्या होनी चाहिए

यदि किसी व्यक्ति ने मन्नत मानी के यदी मेरा काम हो गया तो मैं बकरा ज़बह करूंगा तो उस बकरे की उम्र भी कुर्बानी के बकरे की तरह 1 साल होनी चाहिए क्योंकि मन्नत के जानवर में वहीं तमाम शर्तें हैं जो कुर्बानी के जानवर में होती हैं (वल्लाहु … مکمل پوسٹ پڑھیں

मन्नत मानी हुई बकरी ने बच्चा जना तो उसका क्या हुकुम है

यदि किसी व्यक्ति ने बकरी की नजर मानी फिर नजर मानी हुई बकरी ने बच्चा जन्न दिया तो अब नजर में बकरी के साथ-साथ बकरी के बच्चे को भी देना लाजिम है (वल्लाहु आलम) मुस्तफाद: फतावा बिननौरया फतावा शामी पार्ट नंबर 6 पेज नंबर 323 हिदायतुल्लाह खादिम मदरसा रशीदिया … مکمل پوسٹ پڑھیں

सपना में मन्नत मानने का हुकुम

यदि किसी ने मन्नत मानी कि मैं उदाहरण के तौर पर अल्लाह के लिए जानवर जिबह करूंगा तो ख्वाब में मानी गई मन्नत का शरई तौर पर पूरा करना हकीकी जिंदगी में लाजिम नहीं है हां अगर वह अपने अधिकार से उसे पूरा करे या सदका करे तो दुरुस्त … مکمل پوسٹ پڑھیں

बकरे की मन्नत मानी थी लेकिन गलती से बकरी खरीदी गई तो क्या

यदि किसी व्यक्ति ने मन्नत मानी के यदि मेरा काम पूरा हो गया तो मैं एक बकरा जबह करूंगा फिर जब बकरा खरीदने गया तो गलती से या जानबूझकर बकरी ले आया तो उससे भी मन्नत पूरी हो जाएगी और बकरे की जगह बकरी को जबह करने में कोई … مکمل پوسٹ پڑھیں

بکرے کی نذر مانی تھی لیکن غلطی سےبکری خریدی گئی تو کیا حکم ہے

اگر کسی شخص نے نذر مانی کہ اگر میرا کام ہوگیا تو میں ایک بکراذبح کروں گا لیکن جب خریدنے گیا تو غلطی سے یا جان بوجھ کر بکرا کی جگہ بکری آگئی تو کوئی حرج نہیں ہے بکری سے بھی نذر پوری ہو جائے گی۔واللہ اعلم بالصواب۔ (مستفاد: … مکمل پوسٹ پڑھیں

अल्लाह के रास्ते में रकम देने की नजर मानना और उसके खर्च करने की जगह

यदि किसी ने मन्नत मानी के यदि मेरी मुराद पूरी हो जाएगी तो मैं अल्लाह के रास्ते में उदाहरण के तौर पर ₹500 दूंगा तो यह रकम किसी जकात के रकम के हकदार शख्स को देना होगा नजर की रकम किसी मालदार को देना जायज नहीं है इसी तरह … مکمل پوسٹ پڑھیں

कसम तोड़ने का कफ्फारा

कसम तोड़ने का कफफारा यह है कि 10 गरीबों को दो टाइम का खाना खिला दे या 10 गरीबों को एक एक जोड़ा कपड़ा पहना दे और अगर कोई ऐसा गरीब है कि ना तो खाना खिला सकता है और ना कपड़े पहना सकता है तो मुसलसल 3 रोजे … مکمل پوسٹ پڑھیں

قسم توڑنے کا کفارہ

قسم کا کفارہ یہ ہے کہ دس مسکینوں کو دو وقت کا کھانا کھلا دے یا دس مسکینوں میں سے ہر ایک کو صدقۃ الفطر کی مقدار کے بقدر گندم یا اس کی قیمت دے دے( یعنی پونے دو کلو گندم یا اس کی رقم )اور اگر جو دے … مکمل پوسٹ پڑھیں